डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Inspirational
झूमें घूमें साथ में, करें परस्पर प्यार।
करवाचौथ मनाइए,सुखी रहे संसार।
सुखी रहे संसार,उम्र लंबी हो पति की।
रिश्ता बने अटूट,पराकाष्ठा हो रति की।
बनें शीत की धूप ,एक दूजे को चूमें।
रहे मुसीबत दूर,साथ खुशियों के झूमें।।2
बाल कुंडलिया
गीतिका
गीतिका (ज़िंद...
बता तो दे!
लिपट तिरंगे म...
सरस्वती वंदना
भारत का संविध...
सरस्वती वंदन...
कहमुकरी
मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ। मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ।
हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता। हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता।
सांस ये जब तक बाकी है, सब कर्म रहूँ में यूँही करती। सांस ये जब तक बाकी है, सब कर्म रहूँ में यूँही करती।
हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी! हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी!
बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं विचार। बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं व...
क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है। क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है।
पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30 पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30
वो राधा है वो गीता है वो शक्ति है वो सीता है. वो राधा है वो गीता है वो शक्ति है वो सीता है.
नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।। नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।।
खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ। खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ।
सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है। सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है।
आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना। आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना।
हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं.. हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं..
पुनर्जन्म से पहले आत्मा करती है थोड़ा आराम! पुनर्जन्म से पहले आत्मा करती है थोड़ा आराम!
और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए कोई हो ! और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए को...
मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे
वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो। वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो।
नमन तुम्हे है हे! माता, मै शत शत बार प्रणाम करूॅ॑। शब्द नहीं मेरे मन मंदिर में। नमन तुम्हे है हे! माता, मै शत शत बार प्रणाम करूॅ॑। शब्द नहीं मेरे मन मंदिर मे...
एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत ! एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत !
रेत के समान है वक्त बंद मुट्ठी से भी फिसल जाता है, जो वक्त के साथ चले वक्त उसी के साथ। रेत के समान है वक्त बंद मुट्ठी से भी फिसल जाता है, जो वक्त के साथ चले वक्त उस...