STORYMIRROR

Harshada Jadhav

Abstract

2  

Harshada Jadhav

Abstract

कुछ

कुछ

1 min
122

कुछ मिलना है...कुछ मिल गया...

कुछ सीख़ना है...कुछ सीख़ गए...

कुछ पहचानना है...कुछ पहचान गए...

कुछ सहना है...कुछ सह गए...

कुछ छोड़ना है...कुछ छूट गया...

कुछ जीतना है...कुछ जीत गए...

बहुत जिंदगी जीनी है...कुछ जी गए...


Rate this content
Log in

More hindi poem from Harshada Jadhav

Similar hindi poem from Abstract