Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Akhilesh Kumar Mishra

Inspirational

4.0  

Akhilesh Kumar Mishra

Inspirational

कसम है तिरंगे की

कसम है तिरंगे की

1 min
38


कसम है तिरंगे की झुकने न देगें।

मर जाएगेे पर लुटने न देगेें।।

    

राजगुुरू, सुखदेव, भगत ने,

सेेेेेहरा छोड़ बाँधा, सिर को कफ़न में,

वीर सपूतों की है, येे धरती,

अन्न भी देती, सोना उगलती,

कोई भी हो मगर, छूने न देगें।।

कसम है तिरंगे की झुकने न देगें।

मर जाएगेे पर लुटने न देगेें।।


वीर शहीदों ने, वो मार्ग चुना था,

अंग्रेजों को भी जाना पड़ा था,

देश न पीछे, रह जाए देखो,

तोड़ जंजीरों को आगे दौड़ो,

थकते कदम को भी रुकने न देगें।।

कसम है तिरंगे की झुकने न देगें।

मर जाएगेे पर लुटने न देगेें।।


भारत माता की जय...

वन्दे मातरम...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational