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Sunil Maheshwari

Abstract

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Sunil Maheshwari

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खुशी और गम से सरोबार बर्ष 2019

खुशी और गम से सरोबार बर्ष 2019

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खुशी और गम से सराबोर 

2019 निकल गया,

पता ही नही चला 

कब ये वर्ष बीत गया,

अपनी स्मृति में कोई

प्रतीक चिन्ह कर गया।

पता ही नही चला

कब ये वर्ष बीत गया

अनुभव और ईमान का 

गुमान मिल गया,

पता ही नही चला 

कब ये वर्ष बीत गया

रिश्तो में मोड़ में कभी 

हकीकत जो बन गया, 

पता ही नही चला कब 

ये वर्ष बीत गया।

खट्टे मीठे अनुभवों का

एहसास दे गया,

कुछ सिखा गया,

तो कुछ सीख दे गया।

कुछ भुला गया,

कुछ भुलाने को

मजबूर कर गया।

पता ही नहीं चला

कब ये बर्ष बीत गया।

आहिस्ते से बढ़ गए,

कदम जो तीव्र होकर,

फिर मक़ाम बन गया।

पता ही नही चला 

कब ये वर्ष बीत गया। 


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