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Kiran Vishwakarma

Romance

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Kiran Vishwakarma

Romance

खुद से प्यार

खुद से प्यार

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कभी-कभी खुद से प्यार भी जरूरी है

कुछ बातें और मुलाकातें भी खुद से बहुत जरूरी है

तुम खुद को किसी से कम मत आंको 

तुम में क्या काबिलियत है 

यह तुम अपने अंदर झांको

कुछ हुनर कोयले की भांति 

तुम्हारे अंदर यूं ही पड़े हैं 


अपने हुनर को पहचानो और उन्हें तराशो

 मन में तनिक भी संदेह न करना 

आत्मविश्वास से अपने हुनर को आगे बढ़ाना 

सब्र का दामन थामे रखना 


लोगों के ताने और हंसने पर ध्यान मत देना 

समय जरूर लगेगा पर

एक दिन तुम्हारा हुनर हीरे की भांति चमकेगा 

मिलेगी सफलता तो तुम्हारा व्यक्तित्व भी निखरेगा

मिलेगा सम्मान और पुरस्कार से

तुम्हारा दामन भर जाएगा 


मिलेगी एक अलग पहचान और 

तुम्हारे नाम से तुम्हें जाना जायेगा।


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