Anuj Pareek
Abstract
कहां तो रोशनी को थी खिड़कियां
कहीं रोशनी ही ले गई खिड़कियां।
प्रेम की सार्...
अमीर घर की औल...
सबसे खतरनाक ह...
थामना चाहता ह...
समझ क्यों नही...
इंसान
Kuch Tum Kaho...
यादों की गिरफ़...
मिला ही नहीं
खुशियों का सौ...
सब कुदरत का है खेल निराला, सबको देता है वही निवाला। सब कुदरत का है खेल निराला, सबको देता है वही निवाला।
आज एक पुराने दोस्त से मिली सालो बाद ऐसा लग रहा था जैसे उससे भाग रही हूं। आज एक पुराने दोस्त से मिली सालो बाद ऐसा लग रहा था जैसे उससे भाग रही हूं।
दर्शन देन जब आना, बचपन साथ ले लाना।। दर्शन देन जब आना, बचपन साथ ले लाना।।
अबकी बाऱ तो वो नाम लेकर बुलायगी..... बस अब यही ख्याब हैं। अबकी बाऱ तो वो नाम लेकर बुलायगी..... बस अब यही ख्याब हैं।
नहीं होता इनमें कोई ईमान और देशप्रेम हृदय में। होते हैं वतन के दुश्मन ही, ये धोखेबाज लोग।। नहीं होता इनमें कोई ईमान और देशप्रेम हृदय में। होते हैं वतन के दुश्मन ही, ये ...
मेहनतों का मोल क्या इसका आभास नहीं मेहनतों का मोल क्या इसका आभास नहीं
आओ जिन्हें हम पूज रहे, उनकी तरह जिया जाए।। आओ जिन्हें हम पूज रहे, उनकी तरह जिया जाए।।
बरसों से, पाई पाई जोड़कर---- जमा किए थे--- कुछ सपने--- बरसों से, पाई पाई जोड़कर---- जमा किए थे--- कुछ सपने---
ज़रूरी नहीं कि - हर बार कोई कंधा हो मेरे पास ! ज़रूरी नहीं कि - हर बार कोई कंधा हो मेरे पास !
और सारी दुर्भावनाओं का सदा सदा के लिए अंत करिए। और सारी दुर्भावनाओं का सदा सदा के लिए अंत करिए।
बिना लेन देन के आपका फाइल आगे नहीं बढ़ता। बिना लेन देन के आपका फाइल आगे नहीं बढ़ता।
बड़ा सुधार मिलता है और हम उसमें विलीन हो जाते हैं। बड़ा सुधार मिलता है और हम उसमें विलीन हो जाते हैं।
जनता उनसे होती रूबरू स्थानीय निकाय के चुनाव जनता उनसे होती रूबरू स्थानीय निकाय के चुनाव
और रब से तुम्हारे लिए फरियाद कर लिया करते है। और रब से तुम्हारे लिए फरियाद कर लिया करते है।
हर इक की यात्रा हो मंगलमयी मन में विश्वास की कभी न आवे कमी। हर इक की यात्रा हो मंगलमयी मन में विश्वास की कभी न आवे कमी।
इन की भरपाई ये, टोल न कर पाऐगें, आधुनिकता की कीमत, हम सौ साल चुकाऐंगे । इन की भरपाई ये, टोल न कर पाऐगें, आधुनिकता की कीमत, हम सौ साल चुकाऐंगे ।
शिकायत किसी को नहीं है मुझसे, कोई नहीं करता है अब बुराई मेरी। शिकायत किसी को नहीं है मुझसे, कोई नहीं करता है अब बुराई मेरी।
टूट कर चाहना और फिर टूट जाना, बात छोटी है मगर जान निकल जाती है टूट कर चाहना और फिर टूट जाना, बात छोटी है मगर जान निकल जाती है
समस्या डराती हैं ... कोशिश ...डर को मिटाती हैं।। समस्या डराती हैं ... कोशिश ...डर को मिटाती हैं।।
आए है हिचकी सताए है हिचकी तुम्हें याद करता है कोई बताए है हिचकी। आए है हिचकी सताए है हिचकी तुम्हें याद करता है कोई बताए है हिचकी।