ख़्वाब मेरा भी
ख़्वाब मेरा भी
बचपन का एक ख़्वाब पूरा करना हे मुझे,
जीवन की खुशियों का हाथ थामे रखना हेे मुझे ।
अब बारी ग़म के आंधियों की नहीं ,
बस साहस का दामन थामें आगे चलना हेेेे मुुझे ।
बहुत आए बादल गमो केअब पंख फड़फड़ाने हे मुझे,
भर कर बादल पंंखों मेे अपना दौर बनाना हे मुझे ।
