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सतीश मापतपुरी

Abstract

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सतीश मापतपुरी

Abstract

ख़त

ख़त

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ख़त लिखने का दौर फिर

आ जाए इक बार।


हर्फ़ हर्फ़ में तुम दिखो,

शब्द शब्द में प्यार।


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