खेल
खेल
खेलों का महत्व जीवन में इतना,
सागर में समाहित मोती के जितना।
खेल का अभिप्राय ये नहीं कि समय व्यर्थ नष्ट हो जाएगा,
अपितु खेल के मिश्रण से जीवन और रंगीन हो जाएगा।
अंग्रेजी में कहावत "all work and no play makes jack a dull boy" यूं ही नहीं बनी है ,
खेलों की सार्थकता सम्पूर्ण दुनिया ने भली- भांति जानी है ।
मसलन, खेलो लूडो तो प्रतिस्पर्धा में जीतने का उत्साह आता है,
शतरंज का खेल चाल और शै- मात का बोध कराता है।
जहां एक तरफ "कौन बनेगा करोड़पति" की प्रतियोगिता ज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाती है,
तो वहीँ क्रिकेट के खेल की वर्जिश स्वस्थ व हष्ट- पुष्ट बनाती है।
जहां एक तरफ टेबल-टेनिस प्रतिद्वंदी की ताल से ताल मिलाकर चलना बताता है,
वहीँ जूडो - कराटे का खेल स्वयं की रक्षा करने का गुर सिखाता है।
ज़िन्दगी भी खेल और प्रतिस्पर्धा का मिश्रण है,
पल- पल खतरा मंडराता सर पर,कदम- कदम पे सावधानी रखना परम आवश्यक है ।
इस खेल में मिलती कभी उपलब्धि और कभी निराशा व हार,
हार से मिलता सबक और जीत पर उपहार व जय जयकार।
जीत और हार से कहीं बढ़कर हिस्सेदारी व भागीदारी का मोल,
खेल-खेल में सीख जाता इंसान, जीतने- मात्र से बढ़ कर है निरंतर खेलते रहने का मोल।
खुद पे हो भरोसा अगर, जीत जाओगे हर खेल,
खेलते रहो निडरता से अगर, होंगे ना कभी फेल।
