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Kirti Changlani

Romance Inspirational

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Kirti Changlani

Romance Inspirational

जुदाई - दुःखद हिंदी कविता

जुदाई - दुःखद हिंदी कविता

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कुछ देर के लिए तू यही रुक जा, 

कहनि मुझे कुछ बातें थी

तेरा सफर भी होगा अब तन्हा सा,

शायद तुम्हे हो अब मेरी ही बातों का सहारा

कुछ खत लिखे थे तुम्हे, 

कुछ सुहाने गीत के मुखरे सुन तेरी याद आती थी

रगो मै तेज़ दौरता खून, दिल की बढ़ती धड़कन से

चलकर में तुम्हारे पास आती थी

क्या सारी प्रेम कहानियाँ का अन्त यही होता hai? 

मैं हर बार पूछती। जुदाई ? 


पर तुम कुछ ना कहते

मैं किताबें पढ़ती थी, तुमसे कहती की हर अन्त

एक नई शुरुआत हैं। तोह वो मै कैसे भूल गयी ? 

जब मै रोती थी, तोह तु कुछ क्यु नहीं बोलता था ? 

सवाल हैं कही मेरे पास, बस तु नहीं, जवाब देने को। 

तुम गए तो मैने जाना, के हर कोई अपना नहीं होता। 


किसी के चले जानें का वो दर्द

हर बार हमें अपनाना नहीं होता

यह मेरा आखरी खत हैं

रख लेना संभलकर, क्या पता सफर कितना तन्हा होगा

इतना ही कहूंगी, खुश रहना तुम

हर बार मेरे जैसे प्यार करने वाला नहीं मिलता।


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