जन्नत
जन्नत
वह घर जन्नत होता है,
जहाँ बड़ों का होता है सम्मान।
वह घर किसी स्वर्ग से कम नहीं होता,
जहाँ बुजुर्गों की छत्रछाया होती है।
वहाँ लक्ष्मी अपना डेरा जमा लेती है,
दादा दादी के कारण बगिया की जड़ मजबूत होती है।
और उस घर में सदा खुशहाली होती है,
इस करोना काल ने हमको यह सिखाया है।
बुजुर्गों का सम्मान करो औ' बच्चों से प्यार करो,
और वफादार होता है श्वान ।
वह भी इस घर का ही हिस्सा होता है,
कितना सुंदर लगता है….
जब तीन पीढ़ियां साथ नजर आती है।
तो सोचो कितना महान है,
वह घर रूपी मंदिर।
पेड़ रूपी घर के दादा-दादी होते हैं जड़
मां बाप होते हैं टहनियाँ
और बच्चे होते हैं फुलवारी।
