STORYMIRROR

Anjali Singh

Abstract Classics

4  

Anjali Singh

Abstract Classics

जमाना

जमाना

1 min
43

बारिशों का आना 

पलकों को भिगाना 


सुनसान रास्ते मे 

अजनबी का मिल जाना 


बेखौफ दिल मे 

ख़ौफ़ का हो जाना 


दूर की मंजिल का 

सामने दिख जाना 


और सामने की मंजिल का 

दूर हो जाना 


वक़्त के पाबन्द का 

बेवक़्त हो जाना 


खूबसूरत दुनिया और

ज़ालिम जमाना का एक हो जाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract