STORYMIRROR

Rakhi T Singh

Abstract Children Stories

4  

Rakhi T Singh

Abstract Children Stories

जल ही जीवन

जल ही जीवन

1 min
459

जल ही जीवन 

शुभ दिन मनाते हैं उनका हम

 जिनसे  करते है प्यार बड़ा l

जल ही जीवन है जाने सब 

तबभी अपव्यय करते क्यों भला ll


ना पैसा ही ना चांदी सोना 

कुछ भी काम है नहीं आना l

 जल ही गर हम बचा सके ना 

धरा पर जीवन है मुश्किल बच पाना ll


जल की प्यास बुझे पानी से

दूजा ना कोई पर्याय चले ll

जहां काम सूई का लागे 

वहाँ पे क्या तलवार करे ll


समय अभी है सम्हल जा मानव 

पानी का ना दुरूपयोग तू कर 

आज तूझे सजोंना है इसको 

अगली पीढ़ी का तो विचार तू कर 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract