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Raghav Dubey

Abstract

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Raghav Dubey

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जिंदगी

जिंदगी

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रोती रही ये जिंदगी

सोती रही ये जिंदगी।


साथ तेरा ना मिला तो 

खोती रही ये जिंदगी

हर वक्त लम्हे प्यार के 

वोती रही ये जिंदगी।


तू न आया, याद कर 

रोती रही ये जिंदगी

सीप में एक बूंद, बन 

मोती रही ये जिंदगी।


मानव नहीं मानव रहा 

कहती रही ये जिंदगी

प्यार से रुसवा तेरे 

होती रही ये जिंदगी।


जिंदगी के बोझ को भी 

ढोती रही ये जिंदगी

इस ओर से उस ओर को 

बहती रही ये जिंदगी।


हाथ में तेरे कुछ नहीं 

कहती रही ये जिंदगी।


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