STORYMIRROR

borge maneesha

Abstract

2  

borge maneesha

Abstract

जिंदगी क्या है?

जिंदगी क्या है?

1 min
141

अब मैं प्रश्न करू या जवाब दूँ

यूँ हर बात पर मैं परेशान हूं।


क्यों जिऊ मैं ये जिंदगी

यूं तो सब मोह माया है

अंधेरे की चौखट पर।


अब मैं प्रश्न करुं या जवाब दूँ

यूं हर बात पर में परेशान हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract