STORYMIRROR

borge maneesha

Abstract

2  

borge maneesha

Abstract

जिंदगी क्या है?

जिंदगी क्या है?

1 min
127

अब मैं प्रश्न करू या जवाब दूँ

यूँ हर बात पर मैं परेशान हूं।


क्यों जिऊ मैं ये जिंदगी

यूं तो सब मोह माया है

अंधेरे की चौखट पर।


अब मैं प्रश्न करुं या जवाब दूँ

यूं हर बात पर में परेशान हूँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract