जिंदा लाश
जिंदा लाश
तुझे चाहा दिलों जान से
तुझे मांगा हर दुआ में
दुआ कबूल ना हुई
छोड़ जाती मुझे
तू दुनिया छोड़ गई
भीड़ में मुझे तन्हा कर गई
क्यों तू दुनिया छोड़ गई
कुछ जिम्मेदारियां हैं
ना जी सकता हूँ
ना मर सकता हूँ
मैं एक ज़िंदा लाश हूँ
ज़िस्म यहाँ हैं रूह तेरे संग गई
हे खुदा किस बात की सजा मुझे मिल गई
ऐसी क्या मुझसे भूल हो गई
जाने क्या भूल हो गई
क्यों तू दुनिया छोड़ गई...
