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Vishal Gandhi

Abstract

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Vishal Gandhi

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जीवन के ये रास्ते

जीवन के ये रास्ते

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टेढ़े मेढ़े ऊंचे नीचे

जीवन के ये रास्ते,

हम भी चलते तुम भी चलते

चलते हैं ये रास्ते।


कभी उजाला कभी अंधेरा

कभी सांझ है कभी सवेरा, 

कभी साथ है कभी अकेला

चलते जाना काम हमारा

जैसे भी हों रास्ते।


मिलेंगे कांटे, मिलेंगे फूल

कभी मिलेगी थोड़ी धूल,

कभी कोई मिल जाएगा

दिल अपना जिसको चाहेगा, 


हम उसके बन जाएंगे,

वो अपना बन जाएगा,

तय करेंगे मिलकर फिर हम

जीवन के ये रास्ते,


हम भी चलते, तुम भी चलते 

चलते हैं ये रास्ते।


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