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Prashant Beybaar

Abstract Action

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Prashant Beybaar

Abstract Action

जब-जब अवाम मुल्क़ की

जब-जब अवाम मुल्क़ की

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जब-जब अवाम मुल्क़ की

आब-ओ-हवा बदलती है


ले नाख़ून पे नीली स्याही

इक उंगली ऊपर चलती है।


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