.... जानवरों की परिभाषा....
.... जानवरों की परिभाषा....
नाप सकते तो नाप ले दूरी ये दुनिया इतनी भी नहीं बुरी
समझ बैठा है खुद को भगवान तू तो निकला सबसे बड़ा हैवान
फर्क है इतना तुझमें बड़ी अक्ल फिर क्यों घबराता है देख के हमारी शक्ल
कदर करो कुदरत की देन का बन जायेगा श्मशान तेरी भूल का
ए इंसान तू भी सुन ले देख कभी खुद को अकेला छोड़ के
चिड़िया की तरह उड़ नहीं सकता तेंदुए की तरह दौड़ नहीं सकता
एली गेटर की तरह तैर नहीं सकता बंदर की तरह पेड़ पर चढ़ नहीं सकता
यह हमारी ताकत पर हम तो निकले जानवर
इतना तुझे समझाए इतनी समझ नहीं हमारे अंदर
देख अभी तो सुधार ले अपनी गलतियों को नहीं तो तुझे भी जगा नहीं मिलेगी दफनाने को
तू तो है सिकंदर वो का सिकंदर पर बुरे ख्याल निकाल दे अपने मन के बाहर
बस जीयो और जीने दो यही मांग है हमारी तुझसे।
