STORYMIRROR

Niketa Shah

Romance

4  

Niketa Shah

Romance

इश्क

इश्क

1 min
202

ना देखा कुछ भी तुम्हे देखने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद 


कम है मौजूदगी हवाँ की सांसोमें तुम्हे चुमने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद 


बचपना कर लेती हुं अकेले में तुम्हें सोचने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद 


महेक सा जाता है मेरा तन तुम्हें छू ने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद 


कहाँ नही कुछ भी किसी से तुम्हें सुनने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद


हुए नही किसीके तुम्हारे हो जाने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद 


मांगां नहीं दुआ इबादतमें तुम्हे पाने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद


समां गयी हूँ तेरी रूह में तुझसे जुड़ने के बाद 

क्या यही होता है हाल इश्क में इश्क हो जाने के बाद।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance