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Arun Betaab

Tragedy

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Arun Betaab

Tragedy

इस ड्रैगन को मारो

इस ड्रैगन को मारो

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हाहाकार मचा है जग में, विकट घड़ी है यारों ं ,

चहूं ओर कोहराम मचा है, तुम हिम्मत नहीं हारो,

मन को पत्थर कर लो, भर लो बाजूओं में बिजली,

जिसका यह सब किया धरा है, उस दानव को मारो,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों, इस ड्रैगन को मारो...


दूषित कर डाला जिसने सब, जल को, थल को,

नभ को,

पानी भी ना मिले जहां, ले जाकर उसको मारो,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन को मारो,


सड़ा गला, घटिया, जो भी था, सब हमको चिपकाया,

खालिस,असली जो अब भेजा, वायरस निकला यारों ,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन को मारो...


मेड इन चाइना का टोटल, बहिष्कार तुम्हें है करना,

रीढ़ की हड्डी टूटे, ऐसे वार करो अब यारों ,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन को मारो...


महा विनाश का यह कैसा, उसने प्रपंच रचाया,

समझ सके ना साज़िश को हम, जाल में फंस

गये यारों ,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन को मारो...


उसकी जो औकात है गरचे, दिखलाना है तुम को,

अपनी मिट्टी की ताकत, दिखला दो उसको यारों ,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन को मारो...


एक अकेला था अभिमन्यु, एक सौ पैंतीस हैं हम तो,

भेद के चक्रव्यूह को उसके, घेर के तुम भी मारो,

इस ड्रैगन को मारो,

इस ड्रैगन को मारो यारों , इस ड्रैगन मारो...



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