STORYMIRROR

Mamta Agrawal

Inspirational

4  

Mamta Agrawal

Inspirational

ईदी

ईदी

1 min
296

आज अम्मी परदे से तलाक मांगती हूँ

बस अच्छी तालीम का हक मांगती हूँ

अब्बू आज मैं ईदी मांगती हूँ

नहीं है चाह मुझे मटन बिरयानी की

बस दो वक़्त पेटभर खुराक मांगती हूँ

अब्बू आज मैं ईदी मांगती हूँ

कई तोड़ दिए ख्वाब इबरत की घुटन में

बस नयी उम्मीदों का इश्राक मांगती हूँ

अब्बू आज मैं ईदी मांगती हूँ

बहुत जुबां बंद रखी शरियत की अज़ल में

बस खयालों की आज़ादी बेबाक मांगती हूँ

अब्बू आज ईदी मांगती हूँ

तलाशा बहुत है इंसानों में खुदा को “निधि”

बस अजनबी अल्लाह की फिराक मांगती हूँ

अब्बू आज मैं ईदी मांगती हूँ।


इबरत – चेतावनी, डांट

तालीम – शिक्षा

शरियत – इस्लाम धर्म के क़ानून

अज़ल – नित्यता, अनंतकाल से चला नियम

फिराक – तलाश

इश्राक – सुबह

बेबाक – बोल्ड,

नापाक – अपवित्र


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational