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Kalyanmay Anand

Abstract

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Kalyanmay Anand

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होली

होली

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खुशियों की सौगात लाती होली 

अनंत प्रेम का संचार करती होली

घृणा द्वेष आपस का मिटाने को 

आत्मीयता की बौछार करती होली 

धरा पर छाई नीरसता को पल में 

सतरंगी उमंग में बदल देती होली 

जात-पात के वैमनस्य को भूलकर

एक रंग में रंगना सिखाती होली 

अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर

धर्म की विजयध्वजा फहराती होली 

अच्छाई को जीवन का ध्येय बनाएं 

मानवता का पाठ हमें पढ़ाती होली 

सबके जीवन में आए वसंत बहार 

यही गीत बारंबार गुनगुनाती होली 

सारे दुःख-दर्द,क्लेश को बिसरा कर

ढ़ोल-नगाड़ा बजाना सिखाती होली 

न कोई छोटा-बड़ा,सभी एक समान

यह पावन संदेश हमें सुनाती होली 

जीवन संघर्ष में तनिक न घबराना 

जग में नया रंग भरना बताती होली



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