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Aman Kumar Jha

Abstract

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Aman Kumar Jha

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हँसी आपके उम्र का पैमाना है

हँसी आपके उम्र का पैमाना है

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हँसी आपकी उम्र का पैमाना है।

मुस्कुरा के हँसो तो बुढापा,

ज़रा खुल के हँसो तो जवानी,

और पूरा खुल के हँसो तो बचपन।


वैसे बचपन की बात ही अलग है l 


जिसको नसीब हो, 

मानो उसने,

अपनी ज़िन्दगी भरपूर जी ली

और जिसे नसीब न हो ?

एक मौका है...


खुल के हँसिये,

भरपूर हँसिये,

अजी पूरा हँसिये

और दिल से हँसिये,


जब भी मौका मिले,

बुढापे और जवानी में,

हमेशा बचपन का आनन्द लीजिये 

सच में, हँसी आपकी उम्र का पैमाना है।


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