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Neha Chopra

Abstract

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Neha Chopra

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हम

हम

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तुम यू याद आए

जैसे आकाश से

बरसा हो पानी।


कभी भूल न पाऊँगी

तुम्हें मैं दिलबर जानी।

काश हमें कभी जुदा

न होना पड़ता।


सूरज हमारे

प्यार का

कभी न ड़ूबता।


पर अब हो गयी है

साँझ और हो गए हैं

हम जुदा है न ?


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