STORYMIRROR

Neha Chopra

Abstract

4  

Neha Chopra

Abstract

हम

हम

1 min
282

तुम यू याद आए

जैसे आकाश से

बरसा हो पानी।


कभी भूल न पाऊँगी

तुम्हें मैं दिलबर जानी।

काश हमें कभी जुदा

न होना पड़ता।


सूरज हमारे

प्यार का

कभी न ड़ूबता।


पर अब हो गयी है

साँझ और हो गए हैं

हम जुदा है न ?


రచనకు రేటింగ్ ఇవ్వండి
లాగిన్

More hindi poem from Neha Chopra

हम

हम

1 min చదవండి

Similar hindi poem from Abstract