STORYMIRROR

Ajay Khavad

Abstract

3  

Ajay Khavad

Abstract

हम से मुंह न फेरना!

हम से मुंह न फेरना!

1 min
67

बड़े अजीब तरह की मूर्खता

के धनी है हम...

मंदिर बाहर बैठे बच्चे से मुंह

फेर लेते हैं हम...

और

हम ही अंदर जाके दुआ करते है

की "खुदा हम से मुंह न फेर लेना"!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract