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Anita Sudhir

Abstract

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Anita Sudhir

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भारत

भारत

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नादानी में यूं जिंदगी दांव पर लगा रहे

क्यों इन हुक्मरानों के झांसे में आ रहे।


कहीं ग्रेनेड ,कहीं पत्थर कहीं गोली है

एक मोहरा बन खेलते खून की होली है।


कभी ये सोचा है हाथ तेरे क्या आयेगा

इस भरी दुनिया मे तू अकेला रह जायेगा


एक दिन गुमनाम गलियों में गुम जायेगा

तेरा कोई नामोंनिशान यहाँ ना रह पायेगा।


जो किया भूल जाओ, देर नहीं हुई है

सुधर जाओ अभी जीने के रास्ते कई हैं।


हौसले को उड़ान दे नया सफर शुरू करो

मेहनत से भारत का नया इतिहास तय करो।


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