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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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हिन्दी की बिंदी

हिन्दी की बिंदी

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क्या आपको ये भी

कुछ अजीब नहीं लगता,

हिन्दी का जलवा 

तनिक समझ नहीं आता ?


तो एक बार इस पर कुछ

बेशर्मी से ही बोलिए तो सही

अंग्रेजी के अक्षर भी गुम हो जाते हैं

मगर हमारी प्यारी हिन्दी का

जलवा तो देखिए,


हिन्दी की बिंदी भी मौन नहीं होती

अपनी उपस्थिति का 

अहसास ही नहीं कराती

मुस्कराती, गुनगुनाती, 

शान से बोलती है,


हिन्दी का जलवा क्या है

सारी दुनिया को बताती है। 


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