STORYMIRROR

Kumar Kishan

Abstract

3  

Kumar Kishan

Abstract

हिंदी है मेरी माँ

हिंदी है मेरी माँ

1 min
25

हिंदी है मेरी माँ

इस पर क्यों ना गर्व करूँ?

जिस भाषा में सपनें देखता हूँ

उस भाषा को क्यों ना आत्मसात करूँ

हिंदी तो है भारत की बिंदी

इसमे कोई संशय नहीं

इसे अपनाकर हम बन सकते हैं विद्वान

इसमें कोई संशय नहीं

नमन करता हूँ....

हिंदी भाषा को यह उन्नति करते रहे

आओ यह संकल्प करें

इस भाषा से सदा हम बंधे रहें!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract