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Niraj Kumar

Abstract

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Niraj Kumar

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हिन्दी भाषा

हिन्दी भाषा

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भाषा होती हमारी पहचान

बिन भाषा के नहीं होता ज्ञान

हिंदी भाषा है बड़ी महान

इसकी खूबियों को तो पहचान

हिंदी भाषा की बात निराली

शब्दों के जादू से दुनिया मोह डाली

पढ़ने लिखने में लगती है प्यारी

राष्ट्रभाषा है यह हमारी

संस्कृत की यह बेटी कहलाती

स्वर व्यंजनो से वर्णमाला अपनी सजाती

संस्कार युक्त विचारों को जगत में भाषा होती हमारी पहचान

बिन भाषा के नहीं होता ज्ञान

हिंदी भाषा है बड़ी महान

इसकी खूबियों को तो पहचान

हिंदी भाषा की बात निराली

शब्दों के जादू से दुनिया मोह डाली

पढ़ने लिखने में लगती है प्यारी

राष्ट्रभाषा है यह हमारी

संस्कृत की यह बेटी कहलाती

स्वर व्यंजनो से वर्णमाला अपनी सजात

संस्कार युक्त विचारों को जगत में फैलाती

कविता कहानी और ग़ज़ल से दुनिया में छा जाती

गर्व करो सब भाषा हिंदी पर

दुनिया में चमकती यह जैसे चन्दा नभ पर

राष्ट्र का श्रृंगार है हिंदी

दुल्हन के माथे पर चमकती जैसे बिंदी

देश का मान है हिंदी

हम सब का सम्मान है हिंदी

हिंदी को ठुकरा कर करो ना तुम भूल

खिलाती है जीवन में यह काव्य रस के फूल।


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