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Raj Mishra

Abstract

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Raj Mishra

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गलती

गलती

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जीवन मे पीछे की बातों से

खुद को कभी कोसना नहीं,

सुधारो खुद को,

ख़ुद से ख़ुद का खून सोखना नहीं


लोगों के डर से

मोहब्बत इस बार भी

हल्की नहीं करनी


नुख़्स शायद कुछ मुझमें ही था

जो तुझे पहचान न सका

अच्छा हुआ जो

तू मुझे रुख़सत कर गयी

चल, इस बार

ये गलती भी नहीं करनी।।


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