Jai Kumaar
Drama
हो चाहे कितनी भी यहाँ कड़वाहट,
पर हर घर में है मोदी की चाहत !
घर घर मोदी
आओ संकल्प करें, खुलकर हंसे हम हंसी न हो हमारी, झूठ, अधर्म, पाप की आओ संकल्प करें, खुलकर हंसे हम हंसी न हो हमारी, झूठ, अधर्म, पाप की
बस दे दो एक टुकड़ा बादल का मुझे, तुम रख लो पूरा आसमान। बस दे दो एक टुकड़ा बादल का मुझे, तुम रख लो पूरा आसमान।
शायद मैं उसके योग्य नहीं उसे यह दीपक नहीं, दूसरा सूर्य मिले ! शायद मैं उसके योग्य नहीं उसे यह दीपक नहीं, दूसरा सूर्य मिले !
दिल के कोने में छिपे जज़्बात की कोई आवाज तो होगी, दिल के कोने में छिपे जज़्बात की कोई आवाज तो होगी,
जब राम थे तब भी ऊंगली उठाई गई जनक दुलारी पर.. और अब जबकि....! जब राम थे तब भी ऊंगली उठाई गई जनक दुलारी पर.. और अब जबकि....!
कठिनाइयों के सामने यूँ मजबूर ना हो तू खुद ही एक कोहीनूर है ! कठिनाइयों के सामने यूँ मजबूर ना हो तू खुद ही एक कोहीनूर है !
जो खुद का ढोते है, भार धरती का बढ़ाते है, भार जो खुद का ढोते है, भार धरती का बढ़ाते है, भार
किसी का विश्वास शीशे जैसा घर जो टूट जाये तो फिर न जुड़े नर किसी का विश्वास शीशे जैसा घर जो टूट जाये तो फिर न जुड़े नर
फिर रस्म कन्यादान की निभा मुझे किसी और आंगन का कर दिया, फिर रस्म कन्यादान की निभा मुझे किसी और आंगन का कर दिया,
जो पहने आलस्य नर मुंड वो नहीं पाते, सफलता कुंड जो पहने आलस्य नर मुंड वो नहीं पाते, सफलता कुंड
अरुणाचल में उगते सूर्य का मनमोहक दृश्य है l मेरा भारत सोने की चिड़िया.... अरुणाचल में उगते सूर्य का मनमोहक दृश्य है l मेरा भारत सोने की चिड़िया....
कभी मेरे चरित्र पर तो कभी उनके किरदार पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया कभी मेरे चरित्र पर तो कभी उनके किरदार पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया
धड़कनें भी जाने कब दग़ा दे जाएँ सांसें भी मेहमान हैं कुछ पल की धड़कनें भी जाने कब दग़ा दे जाएँ सांसें भी मेहमान हैं कुछ पल की
कोई यहां स्वार्थी इंसानों से दुःखी है कोई अपने आप से ही बहुत दुःखी है कोई यहां स्वार्थी इंसानों से दुःखी है कोई अपने आप से ही बहुत दुःखी है
एक ओर हरा-भरा गाँव बजती हैं जानवरों के गले की घंटियाँ चरवाहों की हँसी के साथ दूसरी ओर रिसता है पीपल ... एक ओर हरा-भरा गाँव बजती हैं जानवरों के गले की घंटियाँ चरवाहों की हँसी के साथ दूस...
मुखौटों में ही हम उलझे रहते, लगाते रहते हैं विविध अनुमान। मुखौटों में ही हम उलझे रहते, लगाते रहते हैं विविध अनुमान।
इल्म हुआ मुझे सबसे खूबसूरत है इश्क का अख़्तर होना इल्म हुआ मुझे सबसे खूबसूरत है इश्क का अख़्तर होना
इस चादर में तेरे स्पर्श को तलाशते, तेरी छुअन की मिलावट याद करते है हम इस चादर में तेरे स्पर्श को तलाशते, तेरी छुअन की मिलावट याद करते है हम
आती है, मौत यह, क्रोधाग्नि खूं जलाती, जोत क्रोध है, खोट आती है, मौत यह, क्रोधाग्नि खूं जलाती, जोत क्रोध है, खोट
दिन दोपहर में लाइट का जाना बरगद के पेड़ के नीचे बैठे हर एक मुंह से सुनी कहानी दिन दोपहर में लाइट का जाना बरगद के पेड़ के नीचे बैठे हर एक मुंह से सुनी कहानी