गांधी एक मिसाल
गांधी एक मिसाल
अधनंगे बदन को धारे,
तन पर धोती तान के,
आंखों में लगाकर चश्मा,
हाथों में लाठी की ढाल ले,
चरखे पर जो काटे सूत,
वो भारत का था सपूत,
देशभक्ति का दिल में जज्बा लिए,
निकल पड़ा वो सीना तान,
बुलंद हौसले संग ऊंची उड़ान ले,
सत्य की जो मिसाल है,
अहिंसा का जिसने अलख जगाकर,
कर्म पथ पर हमें चलना सिखाया,
गलत के प्रतिकार का सबक सिखलाकर,
आजादी का मर्म समझाया,
सत्याग्रह का बीड़ा उठाकर,
अंग्रेजों का जिसने छक्के छुड़ाया,
राष्ट्रजन को एक सूत्री माले में पिरोने का,
अद्धंभ जज्बा ले, साहस था जिसने बढ़ाया,
पोरबंदर का वो सपूत था आया,
नाम था जिसका मोहनदास करमचंद गांधी,
जीवनराम कालीदास ने गांधी का था जिसने नाम दिया,
राष्ट्रप्रेम की इस भावना का करते हम गुणगान है,
बापू जी के किए त्याग, समर्पण को, जग ने लोहा माना है,
हे राम उचाव का कर उद्घोष,
सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा सार्थक कर,
देश को सोने की चिड़िया बनाने वाले बापू को मेरा करबद्ध प्रणाम है।
गांधी एक नाम नहीं गांधी एक सम्मान है,
उनके आदर्श जग के लिए मिसाल है।
जिसका न कोई तोल वो गांधी था अनमोल,
मातृभूमि के लाल, वो गांधी एक मिसाल,
गांधी एक मिसाल।
