STORYMIRROR

Achyut Umarji

Comedy

4  

Achyut Umarji

Comedy

Fantasy

Fantasy

1 min
287


चल चलकर भी, वजन कम नहीं हुआ...

दौड़ दौड़कर भी वजन कांटा जिधर का उधर...


सुबह की वर्जिश के बाद भूख लगी...

चाय में डुबोकर चार बिस्कुट खा ली...


थोड़ी देर बाद स्किपिंग का व्यायाम किया...

और स्वाद के लिए खाई दो बर्फी...


फिर वक्त हुआ योगा करने का...

बाद खाई डायट की भेल...


सब वर्जिश करते सुबह टल गई...

खाने में मैं ने बनाए गर्म पकोड़े...


मुख को शुद्ध करनेके लिए खाएं काजू-बादाम...

मन को शांत करने के लिए किया थोड़ा आराम...


शाम वर्दिश के लिए गरीब मैं जिम...

पसीना छूटने पर खाया आइसक्रीम...


वजन कम करने के वास्ते चल के घर गयी...

डीनर के लिए बनाया खीर और पुरी...


दुसरे दिन सुबह उठकर वजन करने गयी मैं...

सोचा कल की इतनी मेहनत से कितना वजन घटा होगा...


देखा तो यह पाया के...

वजन घटा नहीं, बल्कि बढ़ा है...


सोच रही हूं...

कहीं वजन काटा गलत तो दिखा नहीं रहा?



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy