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Bibek Raj

Abstract Tragedy Fantasy

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Bibek Raj

Abstract Tragedy Fantasy

एक हवा

एक हवा

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एक हवा आई 

फिर चली गई ।

कुछ मीठे एहसास 

दे गई ।

कुछ बाते 

कह गई,

कुछ सीख 

सीखा गई ।


एक हवा ऐसी आई 

फिर चली गई ।

मैं उस लायक नहीं था 

की वह रुक जाती ।

आखिर वह तो हवा थी 

बह के चली गई ।

 

एक हवा आई 

फिर चली गई ।

बहुत सारी यादें 

मुझे दे गईं। 



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