Ajay Mishra
Romance
मुझे छोड़ने की
वजह तो बता देते
मुझसे नाराज थे
या मुझ जैसे हज़ार थे।
नज़र
दूरियाँ
यकीन
मोहब्बतें
रिश्ता
ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है। ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है।
जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना। जब मौत अपनी गोद में रख लेगी मेरा सिर तुम मेरे पैरों के पास बैठ जाना।
इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...! इश्क़ में तेरे हद से गुज़र जाऊँगी या या बिखर जाऊँगी या संवर जाऊँगी...!
रात की गहराइयों से, निकलती है मुसीबतों की छाया, संगीत की बाँहों में, खो जाता है हर दुख रात की गहराइयों से, निकलती है मुसीबतों की छाया, संगीत की बाँहों में, खो जाता ...
निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है! निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है!
दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया ! दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया !
अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पाँव महावर अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पा...
तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी। तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी।
आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन है। आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन ह...
इस प्रेम को बस यूँही जीते जाया करो, जीते जाया करो, जीते जाया करो। इस प्रेम को बस यूँही जीते जाया करो, जीते जाया करो, जीते जाया करो।
जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे। जबसे साथ तुम्हारा पाया, मन- वीणा के तार बजे।
जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो। जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो।
आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ जाओ। आम्र कुंज सब गए बौर से, और न देन लगाओ , फागुन का महीना है आया, प्रियतम घर आ ज...
इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ! इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ...
पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का गुणगान करनेवाली यह क... पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का ...
अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी। अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी।
पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा। पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है...
इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन ! इन दिनों अकुलाया बौराया सा है मन , प्रिय के आलिंगन को तत्पर है बदन !
ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स, ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स,
प्यार कभी खोता नही और न ही अधूरा रहता। प्यार कभी खोता नही और न ही अधूरा रहता।