दोहे
दोहे
61. सकट चौथ
सकट चौथ का व्रत रखो, कर साधारण वेश।
आकर फिर संकट हरें, गौरी पुत्र गणेश।।
62. षटतिला एकादशी
दिन षटतिल एकादशी, करो तिलों का दान।
माना जाता श्रेष्ठ यह, कर श्रीहरि का ध्यान।।
63. गणेश जयंती
जयंती महेश गणेश की, होते शुभ फल देय।
कर लो पूजा अर्चना, पी चरणामृत पेय।।
64. विनायक चतुर्थी
यह व्रत बड़ा विशेष है, मिलती सफल प्रसिद्धि।
विनायक चतुर्थी मना, मिलती सुख समृद्धि।।
65. बसंत पंँचमी
धारण पीले वस्त्र कर, खुल कर देना दान।
बसंत पंँचमी के दिवस, वीणा मांँ का ध्यान।।
66.रथ सप्तमी
जन्म जयंती सूर्य की, मना रहे हैं लोग।
इसी दिवस रथ सप्तमी, होते छप्पन भोग।।
67. भीष्म अष्टमी
पितामाह घायल हुए, डाले छइया तीर।
भीष्म अष्टमी को मिली, स्वर्गवास की पीर।।
68. जया एकादशी
मिलती मुक्ति पिशाच से, कटते सारे पाप।
मना जया एकादशी, कर भगवन का जाप।।
69 . कुंभ संक्रांति
पुण्य मौंस एकादशी, सबसे अधिक महत्व।
मना कुंभ संक्रांति को,पावन हों सब तत्व।।
70. कालाष्टमी व्रत
रौद्र रूप शिव शंभु का, देखो भैरव काल।
व्रत कर लो कालाष्टमी, होंगे मालामाल।।
