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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

दोहे : लोभ

दोहे : लोभ

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लोभ मूल सब पाप का, लोभ से कष्ट महान 

लोभ छोड़ तीनों मिले , चैन, सुयश, सम्मान 

लोभी नर दुख में जिए, दुख में ही मर जात 

लोभ बड़ी एक व्याधि है, ज्यूं सम सन्निपात  

जो सुख पावै जीव को , तज दै चार विकार 

काम क्रोध मद लोभ के , मूल में कष्ट अपार।



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