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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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दोहा गीत - स्वप्न करें साकार

दोहा गीत - स्वप्न करें साकार

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श्रेष्ठ जनों से लीजिए, जीवन पथ आधार।

उनका ही आशीष ले, करें स्वप्न साकार।।


नीति नियम भी आपके, जीवन का हो अंग।

तभी आपको दिखेगा, सुंदर जीवन रंग।।

भला नहीं होता कभी, आता समझ न सार।

सोच समझ कर कीजिए, करें स्वप्न साकार।।

श्रेष्ठ जनों से....


दुनिया से कुछ सीखिए, निज का छोड़ घमंड।

भला मिले क्या फायदा, जब पाओगे दंड।।

अपने पथ पर तुम बढ़ो, कभी न ठानो रार।

प्रेम प्यार ही से सदा, करें स्वप्न साकार।।

श्रेष्ठ जनों से.....


सीख आपको दें वही, जिसका जैसा ज्ञान।

तुम को तो करना वही, जैसा निज अभियान।

अजब-गजब है आपके, आस-पास का धार।

बिन बाधा अपने सभी, करें स्वप्न साकार।।

श्रेष्ठ जनों से.....



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