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Preeti padma Dash

Abstract

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Preeti padma Dash

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दिल करता है

दिल करता है

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कभी अपनी हंसी पर आता है गुस्सा

कभी सारे जँहा को हंसाने का दिल करता है।।

कभी छुपा लेते हैं गम को दिल के किसी कोने में।

कभी किसी को सब कुछ सुनाने का दिल करता है।।

कभी रोते नहीं लाख दुःख आने पर भी।

और कभी यूँ ही आंसू बहाने को दिल करता है।।

कभी अच्छा सा लगता है आजाद घूमना,लेकिन

कभी किसी के बाहों में सिमट जाने को दिल करता है

कभी कभी सोचते हैं नया हो कुछ जिंदगी में।

और कभी ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है।।



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