Mitali More
Abstract
पर्वतों से सामने में
आंधियों से टकराना पड़ा
दीयों से बचते फिरे
आग से जल जाना पड़ा।
वो हाथ मलते र...
मन नहीं हैं म...
रोज की बात है...
बेवफा
तजूर्बा
वफा
जन्नत
डुबोई आँखें
एहसास
कातिल
मित्र बनकर आये हम आपके पास, हमेशा याद रखिये हम हैं सबसे खास।। मित्र बनकर आये हम आपके पास, हमेशा याद रखिये हम हैं सबसे खास।।
शायद मिल जाए सुकून भागम भाग होगी ख़त्म शायद मिल जाए सुकून भागम भाग होगी ख़त्म
अंत्यंत वेग से बहे, विनाश लाए, यदि क्रोध आना हो। अंत्यंत वेग से बहे, विनाश लाए, यदि क्रोध आना हो।
अंधेरों को निहार कर सलिखे से राह तलाशने की कोशिश की।। अंधेरों को निहार कर सलिखे से राह तलाशने की कोशिश की।।
अरे पेट ही में तो जाएगी ये कोई पुरस्कार नहीं। अरे पेट ही में तो जाएगी ये कोई पुरस्कार नहीं।
कठिनाइयों के बावजूद भी यहाँ, सुकून का फूल रहता खिला।। कठिनाइयों के बावजूद भी यहाँ, सुकून का फूल रहता खिला।।
प्यार और आज़ादी का पैगाम देते, ये परिंदे बिन बोले। प्यार और आज़ादी का पैगाम देते, ये परिंदे बिन बोले।
उसके बाद तो दो हफ्ते में मरीज से , पता नही कितने रिपोर्ट निकलवा लेते हैं। उसके बाद तो दो हफ्ते में मरीज से , पता नही कितने रिपोर्ट निकलवा लेते हैं।
लौटती है बिन पता बिन चिठ्ठी के लिफाफा शायद लेने को नाम और पता। लौटती है बिन पता बिन चिठ्ठी के लिफाफा शायद लेने को नाम और पता।
जिम्मेदारी और कर्त्तव्य की कर्तव्यनिष्ठ हो गई हूं मैं। जिम्मेदारी और कर्त्तव्य की कर्तव्यनिष्ठ हो गई हूं मैं।
थॉमस डॉटी हमेशा हमारे दिलों में बसते हैं, उनकी कला से कितने नये चित्र सजते हैं।। थॉमस डॉटी हमेशा हमारे दिलों में बसते हैं, उनकी कला से कितने नये चित्र सजते ह...
क्योंकि तू एक स्त्री है तुझे अपने वजूद के लिए लड़ना है। क्योंकि तू एक स्त्री है तुझे अपने वजूद के लिए लड़ना है।
सल में वो प्रेम है उसके प्रियतम के प्रति, अपने मान के प्रति, अपने सम्मान के प्रति..,, सल में वो प्रेम है उसके प्रियतम के प्रति, अपने मान के प्रति, अपने सम्मान के ...
कभी खरगोश कभी कछुआ 'मीरा' घर शुभेच्छा रहे हैं।। कभी खरगोश कभी कछुआ 'मीरा' घर शुभेच्छा रहे हैं।।
तो बोला, शांति की है तलाश , कहाँ मिलेगा इधर आसपास ! तो बोला, शांति की है तलाश , कहाँ मिलेगा इधर आसपास !
ये दिल तुम्हारे बिन नहीं, बेजान हमको जान लो।। ये दिल तुम्हारे बिन नहीं, बेजान हमको जान लो।।
इतना मुश्किल नहीं, जितना मुश्किल पक्षपात। किए बिना निर्णय लेना है। इतना मुश्किल नहीं, जितना मुश्किल पक्षपात। किए बिना निर्णय लेना है।
सुसाइड वास्तविक रुप से सुसाइड नहीं होती। सुसाइड वास्तविक रुप से सुसाइड नहीं होती।
काला टीका तब लगा, मंगल बने सुयोग।। काला टीका तब लगा, मंगल बने सुयोग।।
रिश्ता जब दर्द देने लगता है तब वो रिश्ता दर्द का बन जाता है। रिश्ता जब दर्द देने लगता है तब वो रिश्ता दर्द का बन जाता है।