दीपक
दीपक
दीपक किसी से
भेदभाव नहीं
है करता ।
गरीब हो या अमीर
सबके यहां एक जैसा
है जलता।
****
हर वस्तु का महत्व
अलग-अलग जगह पर
अलग-अलग होता है
सूरज के आगे
दीपक कुछ नहीं
पर अंधेरे के लिए
काल होता है।
****
दीपक के नीचे
स्वयं अंधकार
होता है
परंतु वो
दुनिया को
रौशनी देता है।
*****
कितनी भी
काली रात हो
दीपक ही
काफी है
उजाले
के लिए।
****
दूसरों के लिए जलो
दूसरों से नहीं
दीपक हमें
यही दिखलाता है
खुद अंधेरे में रहकर
हमारा घर
जगमगाता है।
****
जलता है तेल और बाती
और नाम दीपक
का होता है
काम करता है कोई
और नाम
किसी का होता है।
*****
चाइनीज बल्बो की
रौशनी मेरे
दीपक को खा गई
और बेचारे
कुम्हार का
दिल जला गई।
*****
मिटा दे दीपक
आपकी जिंदगी के
सारे अंधकार
आपकी जिंदगी में
भर दे
खुशियां हजार।
