STORYMIRROR

YOGITA GOSWAMI

Inspirational

3  

YOGITA GOSWAMI

Inspirational

धड़कन रुकी तो नहीं है

धड़कन रुकी तो नहीं है

1 min
11.6K

ज़िन्दगी थमी नहीं है, 

किसी के लिए रुकी नहीं है।

बस रास्ता थोड़ा बदल लिया है,

सीखने की कहीं भी कमी नहीं है।

पहले की तरह नहीं जा रहे हो

बाहर तो क्या, 

बालकनी तक जाने की मना तो नहीं है।


गुज़र जाएंगे दिन ये भी

एक सपने की तरह,

फिर लौट आएगी यूं ही , 

ज़िन्दगी खत्म हुई तो नहीं है।

हां बेचैनी होती है,

अक्सर झुंझलाता है मन,

मन को बहला लो ना,

बहानों की अब कमी तो नहीं है।


हम व्यस्त बहुत हैं अब, 

की घर और नौकरी घर से ही निभ रही है,

मार जो किश्तों में थी अब एक साथ पड़ रही है,

माना के देह और मस्तिष्क में ठनी हुई है।

मेहनत और लगन कभी व्यर्थ गई तो नहीं है।


आज लड़ रहे हालातों से हम सब हैं यारों,

मजबूरी कहीं मन के भीतर

तो कहीं बाहर खड़ी हुई है।

फिर भी ज़िंदादिल रह लेंगे ना हम, 

दिल की धड़कन अभी रुकी तो नहीं है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational