अधूरे
अधूरे
सुंदर और मनमोहक वही है
जिसमें एक अधूरापन है,
अक्सर वो गहरे होते हैं
जिन आँखों में स्वप्न अधूरे,
दिलकश वो मुस्कान होती है
जिसने छुपाए प्रश्न अधूरे,
चेहरे की भाषा पढ़ पाओ
तो पाओगे ख़्वाब अधूरे,
जैसे आसमान में रह गए हो
उस चाँद के अरमान अधूरे,
काली काली रातों में,
जैसे किस्से रह गए अधूरे,
उतने ही दिलकश लगते हैं,
जैसे तेरे दीदार अधूरे,
एक झलक के मिल जाने पर,
जैसे रह जाए सांस अधूरे,
वैसे ही नरम लगते हैं,
इश्क़ के जैसे हर्फ अधूरे,
जो धड़कन को घायल कर दे,
वो सब दिल के दाँव अधूरे,
जिस जिस ने भी इश्क़ किया है,
वो एक दूजे बिना अधूरे,
कुछ नज़रों का मिल कर झुकना,
कर देते है साज़ अधूरे,
वैसे ही जैसे रह जाते
एक चातक के ख़्वाब अधूरे,
तकता रहता चाँद को मानो,
नैनों में हो राज़ अधूरे,
अक्सर देखा मैंने ये है,
जो जितना दिलकश लगता है,
उसके दिल की गहराई में,
चित्र मिलेंगे बहुत अधूरे,
जिनको पूरा करने के भी
छोड़ दिए प्रयास अधूरे.....
