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Deepti Khanna

Abstract

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Deepti Khanna

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चतुराई दिल की

चतुराई दिल की

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लाल सुर्ख रंग , मगन हो धड़कता ये दिल हर वक़्त ।

हर एहसास का है इसे पूरा साज ,चतुराई से देता है ,ये हमारा साथ ।


कभी ये दुखी होता है , कभी आंसुओं के समुंदर में डूबता है ,

फिर भी ये उभरता है , चतुराई दिखा ज्यादा दुख नहीं पीता है ।


रोज फ़लक कर खुशियों के आसमान को छूता है ,

चतुराई दिखा ,आसमान से खुशियों के तारे भी तोड़ कर लाता है ।



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