STORYMIRROR

Varsha Shidore

Abstract

4  

Varsha Shidore

Abstract

चाय की दास्ताँ

चाय की दास्ताँ

1 min
24.2K

कहानियाँ तो काफ़ी मिलेंगी पुरानी सच्ची 

कुछ पल बीते हुए यादों के किस्से अपने 


चाय के साथ कहानी जी ली हमने नयी नयी 

प्यार तो कॉफ़ी से भी बहुत मिला याराना 


पर चाय के बिना दिल का रास्ता ना गुजरा 

मेहमान बिना चाय के विदा नहीं लेता 


कोई भी रिश्ता चाय के बिना है फीका 

यारों का कट्टा चाय के बिना रहता सुना 


किचन का पहला सफ़र चाय के बिना अधूरा 

इश्क़ की बातें चाय डेट से भी हुयी है शुरू 


चंद पल खट्टे-मीठे चाय के साथ है गुजरे 

मानो लम्हें जी ले सुकून के ख़ुद के वास्ते।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract