STORYMIRROR

Kumar Kishan

Abstract

3  

Kumar Kishan

Abstract

बसंत ऋतु का आगमन

बसंत ऋतु का आगमन

1 min
304

आया है, आया है

बसन्त ऋतु आया है

चारों तरफ है कलियाँ खिली

दिन भी अब मुस्कुराया है


आया है, आया है

बसन्त ऋतु आया है

देखों अब शीत ऋतु

ऐसे भागा, जैसे


कोई चोर भागा है

मनुष्य और जीव-जंतु

भी बड़े ही प्रसन्न हैं


जैसे मानो की

बसन्त ऋतु का

स्वागत कर रहे हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract