STORYMIRROR

Shyam Kunvar Bharti

Inspirational

3  

Shyam Kunvar Bharti

Inspirational

भोजपुरी निर्गुण भजन 3 - सुगनवा जइहे |

भोजपुरी निर्गुण भजन 3 - सुगनवा जइहे |

1 min
74


बितली उमरिया मोर कइली ना करमीया थोर।

पपवा करमिया करे परेशान।

सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान।

इ तनवा माटी हवे तनको ना विचार बाटे।

जगवा से मुहवा मोड़ माया इ संसार बाटे।

काहे पाछे पछतावा नाही मन भरमावा|

मन निर्गुण ब्रम्ह लगाके होजा तू इंसान।

सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान।

दया दान कइला नाही रास रंग रहला चाही।

बात गुरु सुनला नाही मनमानी कइला चाही।

केहु ना सतावा कबों मनवा अबहिन जवान।

सस्ता सउदा पटाके बन जा तू धनवान।

सुगनवा जइहे लगवा जब भगवान।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational