बेटी वो आशीर्वाद
बेटी वो आशीर्वाद
बेटी वो आशीर्वाद है
जो सबको नहीं मिलती।
कभी बिटिया कभी बहना
कभी मां के रूप में वरदान
है बेटी, पिता की जान है बेटी।
पिता की शान है पिता का मान,
पिता का स्वाभिमान है बेटी।
कुल की लाज है बेटी।
जगत का आधार है बेटी,
देखो जमाने में कैसे नाम
रौशन कर रही बेटी।
