STORYMIRROR

Shraddhaben Kantilal Parmar

Inspirational

3  

Shraddhaben Kantilal Parmar

Inspirational

बेटी हिन्दुस्तान की

बेटी हिन्दुस्तान की

1 min
209

देश के लिए कफन पहना है जिंदगी देश पे लुटानी है।

देश के वासियों पे कुर्बानी खुद की देनी है। 


बेटी हिन्दुस्तान की कहलाऊँगी खुद कफ़न लिपटकर लेट जाऊंगी।

देश के लिए अब जीना है प्यार बस उस पे लूटना है।

बांध कफ़न चलते हैं, रक्षा करने को बुलंद खुद को कर जाना है।


फना होना है मेरे हिन्दुस्तान पे। बस यही सपना अब सजाना है।

झांसी की रानी जैसी बहादुरी दिखलाना है

जी भर कर प्यार मेरे देश के वासियों पे लुटाना है।

बेटी हूं हिन्दुस्तान की मैं बेटी हिन्दुस्तान की।

हाथ में थामे बंदूक आखरी सांस कर करना है।

मुस्कान कर ये दुनिया छोड़ जाना है।


आंखों में देश की एकता देख आपस में प्यार की निगाहे भर जानी है।

मैं बेटी हिन्दुस्तान की कहलाऊँगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational